एशिया की बडी बांस इमारत मे सिमेंट काँक्रिट का विरोध बांबू सोसायटी ने कहा, बांस क्षेत्र को हतोत्साहित कर रहा वन विभाग

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चंद्रपुर (मुकेश वालके)

चंद्रपुर से २० किमी दूरी पर चीचपल्ली में बनाए जा रहे एशिया के सबसे बड़े बांबू बिल्डिंग, बीआरटीसी में हाल ही में भीषण आग लगी थी। अब वहां की मरम्मत व अन्य कार्य बांस की बजाय सीमेंट कांक्रीट से करने का मंसूबा रचा जा रहा है। बांबू सोसायटी ऑफ इंडिया की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील जोशी ने इसका तीव्र विरोध करते हुए पालक मंत्री, पूर्व वन मंत्री व बीआरटीसी प्रमुख को निवेदन भेजा है।
इस निवेदन में कहा गया है कि बीआरटीसी कैम्पस, चंद्रपूर में उन्नति अधीन नये ‘बांबू निर्माण कार्य व बिल्डिंग’ में से तकरीबन ११,००० वर्ग मीटर से ज्यादा हिस्सा आग की भेंट चढ़ा। इसमें केवल सरकार का ही नहीं संपूर्ण ‘भारतीय बांबू क्षेत्र’ का बड़ा नुक़सान हुआ। उसके कैसे व कौनसे दूरगामी परिणाम होंगे, यह अभी अस्पष्ट है। यह प्रकल्प ‘बांबू क्षेत्र के समुचित विकास’ का प्रतिक बन कर सामने आ रहा है। ऐसे में यहां लगी आग चिंता व दुर्भाग्य का विषय है। इस आग के लिए कौन व कैसे जिम्मेदार है? यह जांच तथा शोध का विषय है। इससे अधिक महत्वपूर्ण बात यह देखना होगा कि महाराष्ट्र में बढ़ रहा ‘बांबू सेक्टर’ इस नकारात्मता से कैसे उभरेगा? सरकार,प्रशासन इसके लिए क्या कदम उठाएगा?
बीएसआई के महाराष्ट्र प्रमुख सुनील जोशी ने कहा है कि उन्हें इस क्रम में एक गंभीर बात चर्चाओं से पता चली है। जिसे माने तो धराशायी बांधकाम पर अब सिमेंट काँक्रीट की मरहम पट्टी की जाने की प्रबल आशंका है। कुछ प्रशासकीय अधिकारी ही इस तरह का सुझाव दे रहे होने की चर्चा है। जोशी ने कहा है कि इसका तात्पर्य जो ‘बांबू’ भारत व दुनिया में ग्रामीण उदयोग के वैकल्पिक संसाधन स्वरूप सामने आया या आ रहा है, उसपर प्रशासन का ही विश्वास नहीं रहा है। बांबू सेक्टर ऊर्जीत करना छोड़ उल्टे उसे पूर्ण रूप से खत्म करने का यह षड्यंत्र तो नहीं? ऐसा संदेह वन प्रशासन की करतूतों से होने लगा है। जोशी ने साफ किया है कि यह अतिरिक्त ज्ञान बांबू क्षेत्र में कार्यरत ‘स्टेक होल्डर्ज़’ को मान्य नही होगा। यही नहीं आगे किसी भी कदम के पूर्व ‘स्टेक होल्डर्ज़’ की राय, सलाह मशविरा लेना अहम व आवश्यक होगा, अन्यथा विस्फोटक स्थिति निर्माण होगी। इसके लिए सरकार, वन प्रशासन व स्थानीय जन प्रतिनिधि ही जिम्मेदार होंगे, ऐसी चेतावनी भी जोशी ने इस निवेदन से दी है।

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