क्रिसमस की छुट्टियों और नागपुर में चल रहे सम्मेलन के कारण ताडोबा में सैलानीयो की भीड़ उमड़ रही है

0
142

चंद्रपूर (मोहम्मद सुलेमान बेग):
ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व में क्रिसमस की छुट्टियों  और नागपुर में चल रहे सम्मेलन से ताडोबा के बफर और कोर क्षेत्र के जंगल सफारी में सैलानीयो की भीड़ उमड़ रही है।
विश्व प्रसिद्ध ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व में देश-विदेश से सैलानी बाघ को देखने यहा हमेशा आते रहते हैं। ऐसे मे नागपुर में  चल रहे सम्मेलन मे आए विधायक अपने साथियों के साथ ताड़ोबा में बाघ देखने पहुंचे।
मोहर्ली गेट पर जहां ऑनलाइन वाहनों की संख्या 16 है वहीं वाहनों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है।
नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने वन समाचार के प्रतिनिधि से बातचीत के दौरान यह बात कही की, यहा पर्यटन मे मानवीय जीवन का अधिक हस्तक्षेप है और इसे कम करने की जरूरत है।  सैलानीयो के मानवीय हस्तक्षेप के कारण वन्यजीवों की आबादी घट रही हैबऔर साथ ही पर्यटन के नाम पर दिखावा करने वालो को रोकने की जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व को सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना जाना चाहिए और इसका संरक्षण बहुत महत्वपूर्ण है।

साथ ही कुछ सैलानीयो ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा की ताडोबा एक मात्र स्थान है जहा मोबाईल बंदी है।
सफारी पर आने वाला हर कोई कैमरा किराए पर नहीं ले सकता है ताडोबा मे आने वाले सैलानी ताडोबा का दृश्य को अपने मोबाइल फोन में कैद करना चाहते हैं। लेकिन मोबाईल बंदी होने से उन्हें अपना महंगा मोबाइल को एक डिब्बे में जमा करना पड़ता है। साथ ही कैमरा स्लिप में पैसों की हेरा फेरी का मामला भी सामने आया था । अगर हम पर्यावरण की दृष्टि से हमे कागज के उपयोग को कम करना चाहीए।
और 6.30 के बाद भी प्रवेश प्रक्रिया नहीं होती है जबकि पार्क में प्रवेश का समय सुबह 6.00 बजे सुरू होता है।
इस पर सोचने की जरूरत है जिससे सैलानियो के समय की बचत हो सके।

पर्यटन के नाम पर दिखावा करने वालों को भी रोकना जरूरी है।उन्होंने यह भी कहा कि ताडोबा को अति महत्वपूर्ण स्थान मानते हुए इसका संरक्षण करना अति आवश्यक है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here