ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व (कोर) क्षेत्र में पर्यटन पुनः आज से शुरू; सैलानियों का स्वागत गुलाब के फूल देकर किया गया

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चंद्रपूर (मोहम्मद सुलेमान बेग): विश्व प्रसिद्ध ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व (कोर) क्षेत्र में पर्यटन आज 1 अक्टूबर 2023 से शुरू किया गया। ताडोबा पर्यटन हमेशा की तरह तीन महीने (बारीश) के अवधि के बाद ताडोबा (कोर) क्षेत्र के मोहर्ली, खुंटवडा, नवेगाव, कोलारा, झरी एवं पांगडी प्रवेश द्वार सैलानियो के लिए खोल दिए गए हैं।


ताडोबा मे बाघ दर्शन के लिए आए देश विदेश के सैलानियो एवं वन्यजीव प्रेमियों की भारी भीड़ प्रवेश द्वार पर देखाई दे रही थी।
ताड़ोबा सफारी में आने वाले सभी सैलानियो का वनविभाग के मुख्य संरक्षक तथा क्षेत्र संचालक डॉ. जितेंद्र रामगांवकर ने गुलाब के फूल सैलानियो को देकर स्वागत किया गया।
फिलहाल ताड़ोबा मे जंगल सफारी का समय सुबह 6 बजे से 10 बजे तक और दोपहर 2.30 बजे से 6.30 बजे तक रहेगा।
ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के मुख्य संरक्षक तथा क्षेत्र संचालक डॉ. जितेंद्र रामगांवकर, सचिन सिंदे उपसंचालक ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व (कोर), ACF मिसाळ, मोहर्ली वनपरिक्षेत्र अधिकारी (कोर) अरुण गोंड, क्षेत्र सहायक मोहर्ली विलास सोयम, क्षेत्र सहाय्यक आगरझरी एस.आर. घागरगुंडे  वनरक्षक एस. डी. मरस्कोले, एम. ए. अंसारी, एस. डी. वाटेकर, आर. डी. वानखेडे, स्नेहा महाजन के साथ-साथ मोहर्ली प्रवेश द्वार के पर्यटक गाइड, जिप्सी चालक – मालिक,होमस्टे मालिक और रिसॉर्ट संचालक संजय ढिमोले, शुभम ढिमोले TTVR रिसोर्ट, श्रीकांत अरवल Orichid रिसोर्ट संचालक, धंनजय बापट रॉयल टायगर रिसोर्ट संचालक मौजूद थे।


ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के मुख्य संरक्षक तथा क्षेत्र संचालक डॉ.जितेंद्र रामगांवकर द्वारा मोहर्ली प्रवेश द्वार पर रिबन काटा गया और मोहर्ली TTVR रिसोर्ट के संचालक संजय ढिमोले ने हरी झंडी दिखाकर सैलानियो की जिप्सियों को रवाना किया गया।
साथ ही, पिछले साल की तरह ताडोबा में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।


ताडोबा मे फुल डे सफारी के जिप्सी में केवल (3) व्यक्ति को अनुमति है।
और एक ही दिन के लिए सुबह या शाम के स्लॉट मे पहले से ही   ऑनलाइन टिकट होना अनिवार्य है और उसका शुल्क भारतीय सैलानियो को 37,200 रुपये है और विदेशी सैलानियो को 52,200 रुपये शुल्क रखा गया है। इस पूरे दिन की सफ़ारी के लिए कोई रद्दीकरण नीति या धनवापसी नीति नहीं है। और एक बार परमिट (पत्र) तैयार हो जाने पर किसी भी बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी। पूरे दिन की सफारी में केवल उन्हीं नामों को अनुमति है जिनका उल्लेख ऑनलाइन टिकट में किया गया है। साथ ही विशिष्ट गाइड / जिप्सी का कोई विकल्प नहीं है। यह पूर्णतः उपलब्धता एवं प्रचलित रोस्टर प्रणाली के अनुसार ही होगा।
गाइड शुल्क भी 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रति सफारी कर दिया गया है।


ऑनलाइन सफारी बुकिंग के लिए वेबसाईट बदलकर mytadoba.mahaforest.gov.in कर दी गई है।
सैलानियो को मिठाइयाँ देकर खुशी मनाई गयी।
इस अवसर पर ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के मुख्य संरक्षक तथा क्षेत्र संचालक डॉ.  जितेंद्र रामगांवकर ने कहा भारी बारीश के कारण ताडोबा के पाणी के पास का परिसर कुछ समय के लिए बंद किया गया है।

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