ताडोबा (कोर) क्षेत्र में घरेलू पशुओं की मुक्त आवाजाही ; वनविभाग द्वारा की जाएगी कारवाई

0
451

चंद्रपूर : ताडोबा अंधेरी टाइगर रिजर्व (कोर) क्षेत्र में चराई करते  घरेलू पशुओं को देखने  से वनविभाग में चिंता का विषय है। विश्व प्रसिद्ध ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व में मोहर्ली प्रवेश द्वार से सफारी के दौरान 100 से अधिक पालतू जानवर जंगल में खुलेआम घूमते नजर आ रहे है। कहा जाता है की पिछले दो-तीन दिनो से ताडोबा के मोहर्ली (कोर) क्षेत्र मे पालतू जानवर घुमते नजर आ रहे है।

जिस कोर क्षेत्र में यह पालतू जानवर घुम रहे है। वहां बाघ और तेंदुआ भी दिखाई देता है। मोहर्ली प्रवेश द्वार से गुजरते वक्त  वनविभाग के अधिकारी द्वारा पालतू जानवरों को जंगल मे घुमते देखा और उन्होंने चित्रीकरण किया और मोहर्ली गांव मे मुनारी देकर ग्रामीणों को सूचित किया गया की अपने पालतू जानवर को कोर क्षेत्र की ओर ना भेजे अपने पशुओं की देखभाल  खुद करें ऐसा मुनारी द्वारा मोहर्ली के ग्रामीणों को सूचित किया गया है। मुनारी देते वक्त वनविभाग मोहर्ली (वन्यजीव) के क्षेत्रसहाय्यक सोयाम  मौजुद थे।  ताडोबा के वन्यजीव क्षेत्र में पालतू जानवर किसीं जंगली जानवरों के हमले में मारे जाने पर उनके मालक को कोई भी मुआवजा नहीं दिया जाएगा और वन्यजीव क्षेत्र के जंगल मे मिलने वाले पशुओं की नीलामी  की जाएगी ऐसा मुनारी द्वारा आज 16 ऑक्टोबर 2022 को मोहर्ली के ग्रामीणों सूचित किया गया है।

सुत्रो से मिली जानकारी के अनुसार ताडोबा पर्यटन पर निर्भर किसी भी गाईड,जिप्सी मालिक और ड्राइवरों में से किसीं का पालतू जानवर ताडोबा कोर क्षेत्र मे मिलता हैं तो उनपर कारवाई की जाएगी ऐसा पत्र वनविभाग द्वारा जल्द ही जारी किया जायेगा।
खुलेआम रात दिन घुम रहे पालतू जानवर  से ग्रामीनों को और सैलानियो को सड़क पर यातायात बाधित हो रहा हैं।

पशु धन अधिकारी,मोहर्ली छगन चरबे के मुताबिक मोहर्ली मे लगभग 175 पालतू जानवर है और लम्पि बिमारी से निजात पाने के लिए लसीकरण किया गया मोहर्ली मे सिर्फ 56 जानवरो को उनके टीम द्वारा लसीकरण किया गया है। बाकी बचे जानवरो पर किसीं का ध्यान नही है और लसीकरण के लिए सहयोग भी नही करते है।
गट ग्राम पंचायत, मोहर्ली द्वारा जानवरो के बाघने की जगह पर मे दवाई का छिड़काव भी किया गया है। रात को जानवर को बाघने वालो को संख्या काफी कम है।

खुलेआम रात दिन घुम रहे पशुओं के लिए कांजी की मांग ग्रामीणों ने बार-बार हर ग्रामसभा मे की है फिर भी प्रशासन का इस गंभीर विषय पर ध्यान नहीं है।
एक तरफ मोहर्ली को स्वच्छ सुंदर बनाने के लिए वनविभाग और मोहर्ली गट ग्राम पंचायत प्रयास कर रही है। और दुसरी ओर खुलेआम रात दिन घुम रहे पालतू जानवर गांव मे गंदगी कर रहे है। इसे भी रोखना जरुरी है। तभी स्वच्छ सुंदर मोहर्ली बन पायेगा।
मोहर्ली गांव के नागरिक और वन्यजीव प्रेमी ने सभी पालतू जानवरों को जंगल के कोर क्षेत्र मे जाने से रोखने और प्रशासन ने मोहर्ली मे रात दिन घुम रहे जानवरो को बंदी करने के लिए कांजी का जल्द से जल्द निर्माण करने का अनुरोध कर रहे है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here