
जिला प्रतिनिधी (यश कायरकर):
ब्रह्मपुरी वन विभाग के अंतर्गत आने वाले शिंदेवही वन परिक्षेत्र के डोंगरगांव में आज सुबह एक घर में भालू घुसने की घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, वन विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते भालू को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
घटना कैसे हुई?
डोंगरगांव बीट में रहने वाले सुंदर कवडू जुमनाके के घर में एक पूर्ण विकसित नर भालू घुस गया। जानकारी के अनुसार, भालू रात में गांव के पास बेर के पेड़ों पर मौजूद मधुमक्खियों के छत्तों से शहद खाने आया था। सुबह होते-होते भालू गांव के भीतर पहुंच गया।
लोगों में खबर फैलते ही कई ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए। इसी दौरान सुंदर जुमनाके ने भी अपने घर का दरवाजा खोलकर भालू को देखने की कोशिश की। तभी भालू, छिपने के लिए सुरक्षित जगह तलाशते हुए सीधे उनके घर में घुस गया। जुमनाके ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए दरवाजा बंद कर दिया और भालू को अंदर कैद कर बीट गार्ड सचिन चौधरी को सूचना दी।

वन विभाग की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही ब्रह्मपुरी उपवन संरक्षक ए.आर. कुमारस्वामी के मार्गदर्शन में वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
सिंदेवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी अंजलि सायंकार (बोरावार) के नेतृत्व में चंद्रपुर से रेस्क्यू टीम बुलाई गई, जिसमें डॉक्टर रविकांत खोबरागड़े और शुटर अजय मराठे शामिल थे।
घर के अंदर मौजूद भालू को घटनास्थल की भीड़ और शोर के बावजूद काफी शांत पाया गया। वन विभाग ने पूरी सावधानी से कार्रवाई की और सुबह करीब 11 बजे भालू को बेहोश कर सुरक्षित तरीके से चंद्रपुर टीटीसी (ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर) ले जाया गया।
मोहीम में इनका सहयोग महत्वपूर्ण रहा
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में सिंदेवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी अंजलि सायंकार (बोरावार), क्षेत्र सहायक नितीन गडपायले, सिंदेवाही वन परिक्षेत्र का संपूर्ण वन कर्मचारी वर्ग, स्वाब संस्था के बचाव दल प्रमुख जीवेश सयाम एवं संपूर्ण स्वाब टीम, गांव के पुलिस पाटिल योगेश लोंढे, सरपंच माधुरी मसराम, पूर्व सरपंच मनिशा अगड़े तथा गांव के नागरिकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वन विभाग की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से भालू को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बचा लिया गया, जो प्रशंसनीय है।




