ताडोबा के मुस्लिम समुदाय ने रमज़ान के महीने को एक धार्मिक त्योहार के रूप में मनाकर गाँव की सामाजिक एकता को मजबूत किया

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चंद्रपूर : विश्व प्रसिद्ध ताड़ोबा अंधारी टाइगर रिजर्व में  मुस्लिम भाइयों का पवित्र रमजान माह सोमवार 11 मार्च की शाम चांद दिखने के बाद शुरू हुआ और उसी दिन से तराबी नमाज अदा की गई और अगले ही दिन से रोजे शुरू हो गए। मुस्लिम भाइयों के  नमाज और इफ्तारी (उपवास छोडने) का इंतजाम किया गया है।

इस ग्रामीण क्षेत्र में यहां कोई मज्जिद नहीं है और मोहर्ली गाव मे मुस्लिम भाइयों की आबादी काफी कम है।और जो ताडोबा में काम कर रहे हैं मुस्लीम समाज के गाइड एवं ड्राइवर को नमाज के लिए चंद्रपुर की मस्जिद में जाने के लिए दिक्कत होने से उन्होने नागपूर के दारुल उलूम मुफ्ती ए आज़म हिंद से हाफिजे कुरान जनाब गुलफराज अन्सारी (कुरान शरीफ जबानी याद रहने वाला) को मोहर्ली गाव मे बुलाया गया और उनके पीछे नमाज अदा करना सुरू किया गया। और  साथ-साथ इफ्तार एवं तराबी की नमाज भी होती नजर आ रही है गांव के सभी मुस्लिम भाई एक साथ आते देख सभी खुश है।
इसके लिए रोशन शेख, मोहम्मद सुलेमान बेग, साबीर शेख, जाकीर शेख, जावेद शेख, इसफान शेख, शाहरुख शेख, आरिफ पठाण, रहेमान शेख, सोहेल शेख, हसन मलंग शेख, इस्माईल शेख, मुबारक शेख, अयान शेख , साहिल बेग आदी मुस्लिम भाइयों ने सभी को  इकट्ठा करने की पहल की और ताडोबा होमस्टे कॉटेज के बेग परिवार ने अपने होमस्टे की पहली मंजिल पर नमाज एवं इफ्तारी की व्यवस्था की है।और मदरसे से आए हाफ़िज़े क़ुरान को भी रहने की व्यवस्था की गई है और उनके भोजन की व्यवस्था भी सभी मुस्लिम भाइयों द्वारा की गई है।
हाल ही में, ताडोबा होमस्टे कॉटेज को वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के हाथों ताडोबा महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ सेवा का पुरस्कार मिला।
ऐसा पहली बार होने से सभी मुस्लिम भाई अपने गांव में ही रमज़ान महीने का लाभ उठा पा रहे हैं। इसके अलावा मुस्लिम समुदाय के छोटे बच्चों में हशर रोशन शेख उम्र ८ साल, अरमान शाबीर शेख उम्र ९ साल और अबरार जाकिर शेख उम्र १० साल
अपना रोजा रखा और नमाज अदा की। सभी मुस्लिम महिलाएं भी माहे रमज़ान गाव मे मना रहे हैं।
चंदनखेड़ा के मजिद में इमाम सहाब ने जुम्मे (शुक्रवार) की नमाज के वक्त अपने  बयान में इसकी सराहना की।

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