
जिला प्रतिनिधि (यश कायरकर):
ब्रह्मपुरी वन विभाग अंतर्गत सिंदेवाही वनपरिक्षेत्र के गुंजेवाही उपक्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई। तेंदूपत्ता संग्रह करने जंगल गई चार महिलाओं की वाघ (बाघ) के हमले में मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुंजेवाही बिट के कक्ष क्रमांक 1836 पी.एफ. क्षेत्र में सुबह लगभग 7:30 बजे महिलाएं तेंदूपत्ता एकत्र कर रही थीं, तभी अचानक वाघ ने उन पर हमला कर दिया। मौका जांच के बाद वन विभाग ने पुष्टि की कि चारों महिलाओं की मृत्यु वाघ के हमले में हुई है।
मृतकों की पहचान इस प्रकार है :
कवडाबाई दादाजी मोहुर्ले, उम्र 45 वर्ष
अनुबाई दादाजी मोहुर्ले, उम्र 40 वर्ष
संगीता संतोप चौधरी, उम्र 50 वर्ष
सुनिता कौशिक मोहुर्ले, उम्र 38 वर्ष
घटना की जानकारी मिलते ही सिंदेवाही वनपरिक्षेत्र की वनपरिक्षेत्र अधिकारी अंजली सायंकार, क्षेत्र सहायक पी. एस. मानकर, वनरक्षक अमर गेडाम तथा RRU पथक मौके पर पहुंचे। इसके बाद ब्रह्मपुरी वन विभाग के उपवनसंरक्षक डॉ. कुमारस्वामी एस.आर., सहायक वनसंरक्षक एम. बी. गायकवाड तथा अरविंद जे भी घटनास्थल पर पहुंचे।
घटना की सूचना मिलते ही सिंदेवाही पुलिस स्टेशन की टीम भी मौके पर पहुंची। पंचनामा करने के बाद चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए ग्रामीण अस्पताल सिंदेवाही भेजा गया।
वन विभाग की ओर से मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता के रूप में प्रति परिवार ₹25,000 की आर्थिक मदद दी गई। कुल ₹1 लाख की सहायता राशि वितरित की गई।
वन विभाग ने बताया कि तेंदू सीजन शुरू होने से पहले से ही मानव–वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए लगातार जनजागरण अभियान चलाया जा रहा था। मजदूरों को समूह में जंगल जाने की सलाह दी गई थी। गांवों में लाउडस्पीकर के माध्यम से सूचना प्रसारित करना, पोस्टर लगाना तथा वाघ की मौजूदगी को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे थे।
घटनास्थल के आसपास वाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप और लाइव कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही वन विभाग द्वारा विशेष गश्त बढ़ा दी गई है। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जंगल क्षेत्र में जाते समय अत्यधिक सतर्कता बरतें और अकेले जंगल में न जाएं।





