ताड़ोबा कोर क्षेत्र के पुनर्वासित पळसगाव अभी भी अंधेरे मे

0
449

चंद्रपूर (मोहम्मद सुलेमान बेग): वरोरा तालुका में पुनर्वासित आदिवासी समुदाय पळसगाव के ग्रामीणों को जानबूझकर भ्रष्ट अधिकारियों के माध्यम से सरकारी सुविधाओं से वंचित किया गया है। उन्हे जलद से जलद सुविधा प्रदान की जाये अन्यथा ग्रामीणों के साथ मिलकर सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन करेगे ऐसा  मनसे के जिला उपाध्यक्ष राजीव कुकड़े ने वरोरा तहसील कार्यालय में मार्च के दौरान कहा।

भद्रावती तालुका के ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व में स्थित पळसगांव को 5 साल पहले वरोरा वनक्षेत्र (वलानी खातोडा) में बसाया गया था।
इस बीच, इस पळसगांव में लगभग 90 आदिवासी परिवार रहते हैं, लेकिन उनके पास उनका ग्राम पंचायत नहीं है, स्थानीय वरोरा तालुका में उनका वोट नहीं है, उन्हें सरकार द्वारा खेती दी गई है, लेकिन सातबारा ऑनलाइन नहीं है ऐसे में स्थानीय आदिवासी किसान सरकार की कई योजनाओं से वंचित हैं।
जलपूर्ति योजना लागू की गई लेकिन उन्हें पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा है और अब बिजली बिलों का भुगतान न होने से  जलपूर्ति बिजली आपूर्ति बंद है।
इसलिए गांव में कई दिनों से पानी नहीं आने से उन्हें पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है। गांव में बिजली के खंभे हैं।
लेकिन स्टेट लाईट नहीं है। किसानों को खेती मिली और उसमें बोरवेल खुदवाए गए लेकिन खेत में जाने के लिए पानदान रस्ता नहीं है बरसात के दिनों में वे खेतों में  परेशानी हो रही है। ऐसे अनेक समस्याओं से घिरा पळसगांव विकास से कोसों दूर है। अधिकारी इस आदिवासी गांव का दौरा करते हैं।
लेकिन  2015-18 और  2019 में राजस्व एवं वनप्रशासन विभाग द्वारा जारी अध्यादेश पर प्रशासनिक तंत्र अमल नहीं कर रहा है। इसलिए यहां के आदिवासी समुदाय के सदस्यों के साथ सरकार और प्रशासन अन्याय कर रहा है।
आदिवासी पुनर्वास गांव पळसगांव को सरकार द्वारा कोई सुविधा नहीं दी जाती है, इसलिए युवा आदिवासी किसान बेबस हैं।
इस संबंध में प्रशासन को तत्काल दखल लेकर ग्राम पंचायत के साथ मिलकर इस गांव की समस्याओं का समाधान करना चाहिए और गांव के विकास के लिए निधी दिया जाना चाहिए, अन्यथा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना इस गांव के सभी आदिवासी महिला और पुरुष युवाओं को लेकर मुख्य वनसंरक्षक और वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करेगी।
मनसे के जिला उपाध्यक्ष राजू कुकड़े ने ग्रामीणों की ओर से तहसीलदार वरोरा के माध्यम से आदिवासी विकास मंत्री विजय कुमार गावित को यह चेतावनी दी है।

इस अवसर पर्व मनसे जिल्हा सचिव विनोद सोनटक्के तालुका उपाध्यक्ष प्रशांत बदकी, विभाग अध्यक्ष राजेंद्र धाबेकर, रंगनाथ पवार, भास्कर कुमरे, दिवाकर कुमरे, निलेश कुमरे,रमेश मश्राम, अक्षय मळावी, तुलसीदास कन्नाके, प्रकाश मरस्कोले, गिरीधर कोयताडे, रामू कोचाडे, सारिका कुमरे, वैशाली कुमरे, मंजुषा मश्राम, माया ढवळे, सरिका दुर्वे, श्यामकला शेडमाके, मंजुळा मश्राम, आदी उपस्थित थे। या निवेदन की प्रति पालकमंत्री सुधीरभाऊ मुनगंटीवार जिल्हाधिकारी चंद्रपूर एकात्मिक आदिवासी प्रकल्प अधिकारी चिमूर को दिया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here