दो बाघों का रास्ता रोकने वालें की गिरफ्तारी ; वन्यजीव प्रेमियों ने किया गिरफ्तारी का स्वागत

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यश कायरकर (जिल्हा प्रतिनिधि.)
ताडोबा के मोहुर्ली वन परिक्षेत्र के मोहर्ली-पद्मापुर मार्ग पर से गुजर रहे दो बाघों का, सिर्फ फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए रास्ता रोकने की घटना सामने आयी थी। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद वन्यजीव प्रेमियों द्वारा इस बात की जमकर आलोचना हुई थी और नियमों की धज्जियां उड़ाकर, नियमों का उल्लंघन करने वाले, और बाघों के जोड़े से सिर्फ 10 से 15 मीटर की दूरी पर रास्ते में गाड़ी रोक कर वीडियो रिकॉर्डिंग करने वाले पर कार्यवाही कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी थी. पश्चात वन विभाग द्वारा सदर घटना की जांच करने हेतु चार व्यक्तियों को नोटिस जारी कर जांच के लिए बुलाया गया था. और बाद में सभी के बयान और 2 लोगों की गवाही के बाद मोहुर्ली निवासी अरविंद बंडा नामक युवक को गिरफ्तार किया गया.

सविस्तर वृत्त, ताडोबा अभयारण्य के मोहुर्ली – पद्मापुर मार्ग बाघों और अन्य बड़े वन्यजीवों का भ्रमण मार्ग है. जहां अक्सर बड़े-बड़े वन्यजीव चहलकदमी करते हुए नजर आते हैं. उक्त घटना के दिन दो बाघ इस मार्ग से गुजर रहे थे. जो रास्तों पर जाने वाले राहगीरों ने देखे, मगर बात यहां तक ही नहीं रुकी कुछ हौसी फोटोग्राफर ऐसे वक्त नियमों को ताक पर रखकर फोटो और वीडियो निकालने में लगे रहते हैं. इसी के चलते हमेशा कुछ बड़ी अनहोनी भी घटित हो जाती है . और इससे बाघों का भ्रमण मार्ग भी खंडित हो जाता है. उस वायरल वीडियो में आरोपी अरविंद बंडा अपनी दुचाकी सामने से आ रहे दो भागों के रास्ते में रोक कर इन बाघों के जोड़ों का वीडियो बना रहे थे. वास्तव में यह तो मौत को दावत देने वाला वाकिया था. सिर्फ 10 से 15 मीटर की दूरी पर वह भी दो बाघ सामने से आ रहे हैं और सिर्फ दुचाकी वाहन पर बैठे अपनी जान जोखिम में डालकर वीडियो बनाना यह बहुत बड़ी गलती थी. अगर वह बाघ परेशान होकर झपट पड़ते तो, आज अरविंद बंडा को गिरफ्तार करने की बजाय उनकी अस्थियां विसर्जन करने की नौबत आ सकती थी. यह सभी वाकिया जब वन्यजीव प्रेमियों ने वायरल वीडियो में देखा तब संबंधित घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरी जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वाले और इस बात पर नाराजगी भी जताई जा रही थी और अरविंद बंडा को गिरफ्तारी की मांग होने लगी थी.
अक्सर लोग कुछ हौसी फोटोग्राफर वन्य प्राणियों की तस्वीरों के लिए नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए देखे जाते हैं. इससे सिर्फ ना ही उन पर ही असर पड़ता है बल्कि वन्यजीवों की दिनचर्या पर भी इसका बहुत बड़ा बुरा असर पड़ता है. बाघ या अन्य जानवर हमेशा ऐसी परेशानियों से बचने के लिए या तो अपने रास्ते बदल देते हैं , या फिर दूसरे गांव की तरफ आने लगते हैं जिससे मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी घटित होती है. और साथ ही वन्यजीवों के प्रजनन पर भी इस बात का विपरीत असर पड़ता ही है. इन कुछ चुनिंदा शौकीन लोगों की वजह से वन्य जीवन पर इस प्रकार से गलत प्रभाव पड़ता है. इसलिए इन जैसे फोटोग्राफर और जंगलों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई करना बेहद जरूरी हो गया है. इसी के चलते अरविंद बंडा पर की गई गिरफ्तारी की कार्यवाही स्वागतहार्य ही है.
उक्त कार्यवाही बफर उपसंचालक गुरुप्रसाद, सहायक वन संरक्षक येळे के मार्गदर्शन में वनपरीक्षेत्र अधिकारी मुन, गजपूरे वनरक्षक कोडापे, गायकवाड ,प पे्द्दिवार आदि ने की है।

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