वर्धा और चंद्रपुर में दो बाघो का शिकार : एक बाघ को १४ टुकड़ों में काटा गया और कुछ हिस्से गायब

0
654

हालही मे चंद्रपुर जिले के राजुरा तालुका में रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक पूर्ण विकसित बाघ की मौत 10 ऑगस्ट 2022 को हुई थी। इस घटना 2 दिन बाद ही वर्धा वन विभाग के समुद्रपुर रेंज में 13 ऑगस्ट  2022 शुक्रवार को एक बाघ 14-15 टुकड़ों में कटा हुआ मिला, जिसके शरीर के कुछ अंग गायब थे। और सिंदेवाही में हाल ही में एक और बाघ के मारे जाने का संदेह है, क्योंकि चिमूर के तृप्ति बार एंड रेस्टोरेंट में 11 ऑगस्ट 2022 गुरुवार को बाघ के नाखून  और शरीर के अन्य अंगों का सौदा करते हुए जसबिर सिंह संगतसिंग अंधेरेले को हिरासत मे लिया गया है।

वनविभाग को मिली गुप्त जानकारी से ACF अभिजीत वाइकोस, वनपरिक्षेत्र अधिकारी के.डब्ल्यू. धनकुटे, खडसांगी, और क्षेत्र सहाय्यक के.बी. गुरनुले ने आरोपी को जाल में फंसाकर तृप्ति बार एंड रेस्टोरेंट, चिमूर में हिरासत मे लिया लिया।
उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (डब्ल्यूपीए), 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वर्धा मे बाघ को टुकड़ों में काटे जाने की घटना करीब 7-8 दिन पहले की है, शव बारिश के कारण कीड़ों के लगने के कारण खराब हो गया था। लेकिन वन कर्मचारियों को इसकी जानकारी स्थानीय लोगों से 11 ऑगस्ट 2022 गुरुवार शाम को  मिली।
वर्धा के उप वनसंरक्षक राकेश सेपत के मुताबिक, “11 अगस्त की शाम कोरा बीट के जुड़पी जंगल सर्वेक्षण क्र. 57 में एक क्षत-विक्षत शव देखा गया था, लेकिन 12 ऑगस्ट 2022 शुक्रवार को सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं थी।
प्रथम दृष्टया यह है की अवैध शिकार का मामला लगता है क्योंकि बाघ के शरीर के अव्यव दात और पंजे गायब हैं। और इस मामले मे किसी भी संदिग्ध को गिरफ्तार नहीं किया गया है।” और इस क्षेत्र में बाघों के रहने का कोई रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन बाघ हमेशा समुद्रपुर रेंज में बार-बार आते हैं। वर्धा वन विभाग के किनारे पर
पवनगांव का जुडपी जंगल मे बाघ मृत पाया गया था। और इसे लगकर  भद्रावती, वरोरा, खडसांगी और चिमूर जंगल के पर्वतमाला के क्षेत्रीय जंगल है और आगे ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व को जोड़ता है।

सूत्रों ने कहा कि बाघ को एक खेत में बिजली का करंट लगने का संदेह है और सबूतों को नष्ट करने के लिए बाघ को 14 टुकड़ों में काट दिया गया है। आरोपी ने शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को अपने साथ लिया, लेकिन निचले जबड़े को छोड़ दिया।
बाघ के शव को सावधानीपूर्वक टुकड़ों में काटा गया था, जैसे कि  कोई पेशेवर शिकारी द्वारा किया गया हो।
पोस्टमॉर्टम पशु चिकित्सक मेघा वनकर, सचिन खेमलापुरे, सुशील पांडव पी.जी. कोडापे, समुद्रपुर वनपरिक्षेत्र अधिकारी वी.वी. बरेकर, मोबाइल दस्ते वनपरिक्षेत्र अधिकारी ए.एस. तलहन, अवैध शिकार विरोधी दस्ते वनपरिक्षेत्र अधिकारी आशीष निनावे PCCF सुनील लिमये और NTCA प्रतिनिधि कौस्तभ गावंडे और संजय इंगले-तीगांवकर की मौजूदगी में किया गया।
1 जानेवारी 2022 से महाराष्ट्र में पिछले सात महीनों में 18 बाघों की मौत हुई है। जहां टाइगर रिजर्व के अंदर और बाहर बाघों का घनत्व ज्यादा है।  ऐसे में वन विभाग को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here