
जिला प्रतिनिधि (यश कायरकर):
सिंदेवाही वनपरिक्षेत्र अंतर्गत राजोली (डोंगरगांव) के नजदीक चंद्रपुर–गोंदिया रेलवे ट्रैक पर रेल इंजन की टक्कर से एक युवा बाघिन शावक की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना गुरुवार सुबह सामने आई, जिससे वन्यजीव प्रेमियों और क्षेत्र में शोक का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह लगभग 5:15 बजे चंद्रपुर से गोंदिया की ओर जा रहा रेल इंजन राजोली रेलवे स्टेशन से करीब 1 किलोमीटर आगे पहुंचा था। उसी दौरान रेलवे ट्रैक पार कर रहे दो बाघ शावकों में से पीछे चल रहा शावक अचानक इंजन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी तुरंत वन विभाग को दी गई।

सूचना मिलते ही सिंदेवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी अंजलि बोरावार, क्षेत्र सहायक एन. टी. गडपायले तथा वनरक्षक प्रिया वाघमारे मौके पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद मुख्य वन संरक्षक श्री रामानुजन (चंद्रपुर), उप वनसंरक्षक श्री कुमार स्वामी (ब्रह्मपुरी), सहायक वन संरक्षक डॉ. महेश गायकवाड, एनटीसीए प्रतिनिधि बंधु धोतरे तथा स्वाब संस्था के अध्यक्ष यश कायरकर घटनास्थल पर पहुंचे और पंचनामा किया।
वन विभाग के अनुसार मृत शावक लगभग 17 माह उम्र की मादा बाघिन थी। शव को सिंदेवाही के काष्ठ आगार लाया गया, जहां पशु वैद्यकीय अधिकारी डॉ. सुरपाम द्वारा पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद वनविभाग की मौजूदगी में अंतिम प्रक्रिया पूरी की गई।
इस दौरान सिंदेवाही वनपरिक्षेत्र के वन कर्मचारी तथा स्वाब संस्था की रेस्क्यू टीम के सदस्य उपस्थित थे।
गौरतलब है कि 19 जनवरी 2025 से अब तक सिंदेवाही वन परिक्षेत्र में रेलवे दुर्घटना में तीन बाघों की मौत हो चुकी है। पहले 19 जनवरी 2025 को एक बाघ की मौत हुई थी, इसके बाद 12 अक्टूबर 2025 को प्रसिद्ध बाघ “बिट्टू” रेल हादसे का शिकार हुआ था और अब इस शावक की मौत ने वन्यजीव संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि यह रेलवे ट्रैक वन्यजीवों के लिए “मौत का जाल” बनता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन और रेलवे विभाग से मांग की है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द ठोस उपाय योजना लागू की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।





