
सिंदेवाही | प्रतिनिधि
चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी वन विभाग अंतर्गत सिंदेवाही वन परिक्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है। डोंगरगांव बीट के चारगांव बगडे-हजारीचक क्षेत्र में स्थित एक कृषि कुएं में गिरने से एक वयस्क नर बाघ की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में बाघ की मृत्यु 3 से 4 दिन पूर्व होने की आशंका व्यक्त की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान पांडुरंग गजभे अपने खेत (गट क्रमांक 51) पर पहुंचे तो उन्हें कुएं की दिशा से तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब उन्होंने कुएं में झांककर देखा तो उसमें एक बाघ का शव दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने तत्काल सिंदेवाही वन विभाग को सूचना दी।

सूचना मिलते ही वनरक्षक सचिन चौधरी ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। इसके पश्चात वन परिक्षेत्र अधिकारी अंजलि सायंकार, क्षेत्र सहायक नितिन गडपायले, फुलझाले एवं ममता गायकवाड सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उप वन संरक्षक कुमार स्वामी, सहायक वन संरक्षक महेश गायकवाड, सहायक वन संरक्षक अरविंद जे., एनटीसीए प्रतिनिधि बंडू धोतरे तथा स्वाब संस्था के अध्यक्ष एवं वन्यजीव अभ्यासक यश कायरकर की उपस्थिति में घटनास्थल का पंचनामा किया गया।
वन अधिकारियों के अनुसार मृत बाघ नर था और उसकी आयु लगभग 8 वर्ष आंकी गई है। पंचनामा पूर्ण होने के बाद ताडोबा के पशुधन विकास अधिकारी डॉ. रविकांत खोबरागड़े तथा सिंदेवाही के पशुधन विकास अधिकारी डॉ. सुरपाम द्वारा शव परीक्षण किया गया। इस दौरान वन विभाग के कर्मचारी एवं स्वाब संस्था की रेस्क्यू टीम भी उपस्थित रही।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व ही इसी क्षेत्र में चंद्रपुर-गोंदिया रेलवे ट्रैक पर एक मादा बाघ शावक की रेल दुर्घटना में मौत हुई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
वन्यजीव अभ्यासक यश कायरकर ने कहा कि जंगल से सटे क्षेत्रों में खुले कुएं वन्यजीवों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि लगभग दो वर्ष पूर्व वन विभाग द्वारा ऐसे कुओं का सर्वेक्षण कर उनमें सुरक्षा कटरे (रैंप) बनाने का प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया था, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हो सका। यदि समय पर सुरक्षा उपाय किए जाते, तो संभवतः इस बाघ की जान बचाई जा सकती थी।
वन्यजीव प्रेमियों ने इस घटना के बाद जंगल से सटे सभी खुले कुओं पर सुरक्षा उपाय तत्काल लागू करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोका जा सके।





