
चंद्रपूर (मोहम्मद सुलेमान बेग) : ताडोबा-आंधारी टाइगर रिजर्व में वित्तीय घोटाले के कारण जंगल सफारी की ऑनलाइन बुकिंग बंद करने से दीपावली, क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के दौरान आने वाले पर्यटकों के लिए रिसोर्ट, होमस्टे, जिप्सि और टैक्सि की बुकिंग में गिरावट आई है।
चंद्रपुर के रामनगर पुलिस स्टेशन में वनविभाग द्वारा दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, ऑनलाइन बुकिंग के लिए जिम्मेदार कंपनी वाइल्ड कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस (डब्ल्यू.सी.एस) ने उनसे 12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है।
धोखाधड़ी करने वाले आरोपी पर ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व कंजर्वेशन फाउंडेशन और संगठन के बीच हुए समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया गया है। यह विवाद कोर्ट तक पहुंच गया है, इसलिए कोर्ट ने मामले का फैसला आने तक सफारी बुकिंग बंद करने का आदेश दिया गया है।
इस पर हमारे वन समाचार के प्रतिनिधी ने महिला गाईड से बात की तो उन्होने कहा की हमारा पेमेंट हमेशा बॅलन्स रहता था और वक्त पे कभी पैसे अकाउंट मे आता नही था। लेकिन हमारे CCF डॉ. जितेंद्र रामगावकर सर ने हमारी जरुरत को देखते हुए हमे ताडोबा फाउंडेशन से समय पर शेष राशि भुगतान किया है। वैसे ही कही जिप्सीयो का पेमेंट भी बॅलन्स था धीरे धीरे करके ताडोबा फाउंडेशन सबका शेष राशि भुगतान कर रही है।
इस घोटाले मामले मे ताडोबा प्रशासन को हमारी और से जो भी मदत लगेंगे हम महिला गाईड्स करने तयार है ऐसा ताडोबा मोहर्ली गेट की महिला गाईड शहनाज बेग ने कहा।

ताडोबा जंगल सफारी बुकिंग किस तरह से होगी सबकी नजर लगी हुई है। ऑफ़लाइन बुकिंग के कारण बुकिंग काउंटर पर भारी भीड़ होती है, लोग पूरी रात कतार में लगे रहते हैं। कुछ लोग आजीविका के लिए कतार में खडे रहते हैं। ऐसे मे आम लोगों को बुकिंग नहीं मिल पाती है, ऐसी स्थिति में ताडोबा प्रशासन को उचित समाधान निकाल कर बुकिंग शुरू करनी चाहिए ऐसा जिले के वन्यजीव प्रेमियों ने अपने राय व्यक्त की।


