
चंद्रपुर / मोहर्ली (मोहम्मद सुलेमान बेग):
कुछ दिन पहले ताडोबा अंधारी व्याघ्र परियोजना के बफर क्षेत्र अंतर्गत मोहर्ली–पद्मापुर मार्ग पर एक गंभीर घटना सामने आई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कुछ लोग अपने वाहन सड़क पर रोककर बाघ का वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। इस दौरान न केवल यातायात बाधित हुआ, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक व्यवहार में भी हस्तक्षेप होने की आशंका जताई जा रही है।

इतना ही नहीं, कुछ लोग सड़क से नीचे उतरकर बाघ का रास्ता रोकते हुए तथा उसका पीछा करते हुए भी नजर आ रहे हैं।
इस घटना को वन्यजीव सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन की दृष्टि से अत्यंत गंभीर माना जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फिलहाल पद्मापुर–मोहर्ली मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। इस मार्ग से केवल सफारी स्लिपधारक पर्यटकों तथा गांव में अपने रिश्तेदारों के यहां जाने वाले स्थानीय वाहनों को ही अनुमति दी जा रही है। इसके कारण इस मार्ग पर सामान्य यातायात प्रभावित हुआ है।

वन विभाग द्वारा फोटो और वीडियो के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है। अब तक सात लोगों को नोटिस भेजे जा चुके हैं, जबकि कुछ अन्य लोगों को फोन के माध्यम से मोहर्ली वन परिक्षेत्र बफर कार्यालय में बुलाकर उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि घटना में शामिल लोगों ने वन्यजीव संरक्षण संबंधी नियमों का कितना गंभीर उल्लंघन किया है।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, बाघ जैसे वन्यजीव का रास्ता रोकना, उसके अत्यधिक नजदीक जाना और उसका पीछा करना न केवल खतरनाक है, बल्कि यह वन्यजीव के प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप भी है। ऐसे कृत्य से मानव और वन्यजीव, दोनों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल क्षेत्र में किसी भी वन्यजीव के साथ इस प्रकार की लापरवाही न करें और वन नियमों का सख्ती से पालन करें।



