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बाघ के हमले में किसान की दर्दनाक मौत

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आकापुर में वन विभाग की लापरवाही पर ग्रामीणों का आक्रोश — महिला वन परिक्षेत्र अधिकारी का घेराव, तीन घंटे तक तनावपूर्ण माहौल

संवाददाता : यश कायरकर (नागभीड़)

नागभीड़ तालुका के तलोधी बालापुर वन क्षेत्र अंतर्गत आने वाले आकापुर ग्राम में शुक्रवार (24 अक्टूबर) की शाम एक बाघ के हमले में किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान वासुदेव लक्ष्मण वेठे (55 वर्ष), निवासी आकापुर के रूप में हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक वासुदेव वेठे शुक्रवार शाम लगभग 5 बजे अपने खेत में धान की फसल का निरीक्षण करने गए थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी खोजबीन शुरू की। खोज के दौरान किसान का शव खेत से सटे जंगल में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

ग्रामीणों का आक्रोश — “सूचना देने के बावजूद वन विभाग ने नहीं की कार्रवाई”

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पिछले एक महीने से आकापुर क्षेत्र में बाघ का जोड़ा दिखाई दे रहा था, जिसकी कई बार सूचना तलोधी वन परिक्षेत्र कार्यालय को दी गई थी। लेकिन संबंधित वनरक्षक द्वारा इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे यह दुखद घटना घटी।

घटना की जानकारी मिलते ही महिला वन परिक्षेत्र अधिकारी शाह और पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचे। जब अधिकारी शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगे, तो ग्रामीणों ने अधिकारी का घेराव किया और सुरक्षा की गारंटी मिलने तक शव न उठाने की चेतावनी दी। इससे करीब तीन घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बाद में वन अधिकारियों और पुलिस के आश्वासन के बाद शव को नागभीड़ ग्रामीण अस्पताल भेजा गया।

“मुझे ही बाघ के सामने बांध दो” — वनरक्षक के बयान पर भड़के ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने बाघ की जानकारी स्थानीय वनरक्षक को दी, तो उसने “मुझे ही बाघ के सामने बांध दो” जैसा अटपटा बयान दिया, जिससे ग्रामीणों में उसके प्रति भारी रोष है। तीन दिन पहले भी ग्रामीणों ने तलोधी वन परिक्षेत्र कार्यालय में लिखित रूप से बाघ के बंदोबस्त की मांग की थी, परंतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

सुरक्षा उपायों की अनदेखी

ग्रामीणों के अनुसार, वन विभाग ने न तो क्षेत्र में कैमरे लगाए, न ही पिंजरे की व्यवस्था की। वहीं, खेतों की बाड़बंदी, झाड़ियों की सफाई और गश्त बढ़ाने की मांग को भी अनसुना कर दिया गया। इस कारण अब ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है।

चंद्रपुर जिले में अब तक 35 लोगों की मौत

वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अब तक चंद्रपुर जिले में वन्यजीवों के हमले में 35 लोगों की मौत हो चुकी है — जिनमें 31 बाघ, 2 तेंदुए, 1 भालू और 1 हाथी के हमले शामिल हैं।
केवल ब्रह्मपुरी वन क्षेत्र के तलोधी, चिमूर, सिंदेवाही, नागभीड़ और ब्रह्मपुरी परिक्षेत्रों में ही अब तक 13 लोग बाघ के शिकार हो चुके हैं।
इस ताज़ा घटना से पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल व्याप्त है, और ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने और दोषी वनरक्षक पर कार्रवाई करने की मांग की है।

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